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bhogi - Jan 9
Ravindra a 40 year old man lying on sofa n reading a sexy story book. A bulge was seen in his payjama. His wife and kids were away for 15 days. He was very hot as no sex for a weak.he was planing to mastrubate.n he was rubbing his cock.suddenly someone knocked the door.he adjusted his dress n opened the door.
Neighbour boy nikhil was on the door.14 +year old boy nikhil was very pretty n his changing voice says that he is growin up now.
There was a plate in his hands and he came in saying uncle mom send this for u.he straight away goes in kitchen n kept it there.he came back n asked uncle what are u doing.
Ravindra said nothing just laid on the sofa.since childhood this boy was very free with ravindra.he started talking to him.ravindra was less intrested in his talks coz he was thinking when this boy go out and again he start his play.but the boy was not ready to go out.
Ravindra thought,why not to take advantage of ********* teen age he has done sex with his frds.why not to try this boy.the boy was very free with him n they used to talk many things but til now they havnt talked sex.
Ravi asked nikhil. My thigh's are paining nikhil.kan u sit on them.it will give me relief.Nikhil said ok uncle.n he sat on his thighs. His buts were fluffy n soft,that erosed ravi's sex n he started moving his legs.also started robbing his back n kept his one arm on his thigh.
Nikhil was a bit uncomfortable n suddenly he got of ********* alanced.to protect himself he kept one hand on ravindras body which straight away on his hard cock.ravi immidiately hold his hand n pressed so nikhil could not remove his hand. Ravi statrted pressing his hand on cock n nikhils face was showing expression of shy.ravi pulled him towards his groin area n nikhil suddenly found himself on hard erosed cock of ravi.
He said uncle what are u doing.
Nothind boy.. It is way to get pleasure.
No uncle this is not right.. Let me go.. I m going.
But ravi kept his one hand on nikhils cock.it was semi errect,n he gripped it.
Nikhil tried to pull himself out of the situation but ravindra hold himself tightly and said nothing will happen.its a matter of few minuits. N u will feel good.
U r grown up boy now so why u worry.no one is there so dont feel shy.we both will have fun.nikhils cock also become full tight and his oppose become weaker.now he was standing neara him.ravi pulled his half pant down along with his unde.nikhils cock was 4" rock hard.ravi was out of control now.n nikhil was not knowing what to do.ravi took his cock in his mouth n started sucking it.nikhil felt his warm slywa n first time in life was in seventh heaven.n he pushed him towards him.
He hold uncles head and now he started pushing his cock gentaly in and out.
Ravi now came to know that situation is under control.he pulled T-shirt of nikhil away n made him full nude.he took nikhil to bed room n pushed him on bed.now he removed his clothes n jumped on him.kissing him wildly n forcing his thick cock below his tackts.
Ravindra a 40 year old man lying on sofa n reading a sexy story book. A bulge was seen in his payjama. His wife and kids were away for 15 days. He was very hot as no sex for a weak.he was planing to mastrubate.n he was rubbing his cock.suddenly someone knocked the door.he adjusted his d... more »
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aktamanna - Jan 9
Mast land wale agar koi ho jagdalpur me to jaldi reply karo...
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lovsex143 - Jan 9
hiiiiiiiiiiiiiiiiii
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raghav10 - Jan 8
हम दोनों एक दूसरे से दोबारा लिपटे तो हमारे लंड बीस मिनट पहले का आनन्द याद कर तुरंत खड़े हो गये। श्याम पलट कर फिर से मेरे सामने आ गया और हमने एक लम्बा और जोरदार चुम्बन सत्र चलाया। हम दोनों के मुंह से एक दूसरे के वीर्य की महक और स्वाद मिल रहा था। श्याम की लार बहुत मादक और रसीली थी। मैं उसे पी-पी कर श्याम का मुंह सुखा देता। श्याम की जीभ को मैं इस हद तक अपने मुंह में खींचता कि श्याम दर्द से सीत्कार उठता। मैं बारीकी से अपनी जीभ श्याम के दांतों में फिराता। उसका एक-एक दांत अपनी जीभ से छूता। श्याम आँखें बंद करके मेरे चुम्बनों का आनन्द लेता। श्याम ने मुझे थोड़ा ऊपर किया और मेरे लंड के नीचे से अपने लंड को निकाल कर मेरी गांड से छुआ दिया। मुझे असीम आनन्द अनुभव हुआ। श्याम के दोनों हाथ मेरे पूरे शरीर पर चल रहे थे। इस बार मैंने श्याम को कह दिया था के मुझे गांड मरवानी ही मरवानी है। श्याम ने सरसों का तेल उठा के मुझे उल्टा लिया कर बोतल मेरी गांड में उड़ेल दी। बोतल का मुंह जैसे ही थोड़ा मेरी टाइट गांड में घुसा मुझे दर्द भी हुआ और अच्छा भी लगा। श्याम ने बोतल को दबा कर मेरी गांड में काफी तेल भर दिया। जैसे ही बोतल हटाई कुछ तेल मेरी गांड से बाहर निकल आया जिसे श्याम ने अपने उत्तेजित लंड पर रगड़ लिया। फिर अपने चिकने हाथों से मेरे चुत्तड़ मसल कर मेरे ऊपर लेट गया और अपना कड़ा लंड मेरे छेद से छुआ दिया।
*******★★★********

"आह! श्याम! उम्म्म्माह्ह्ह्ह्ह!
इसे मेरे अंदर डाल यार"
"रुको भाई थोड़ा! एक दम डाला तो दर्द होगा।"
मैंने अपने चुत्तड़ पीछे धकेल कर अंदर से थोड़ा ज़ोर बाहर की ओर लगाया तो तेल की चिकनाई से श्याम का सुपाड़ा गप्प से भीतर घुस गया। भयानक दर्द से मेरी गांड और आँखें भींच गयी। मैंने जल्दी से गांड को ढीला छोड़ा तो श्याम का आधा लंड भीतर सरक गया। इस बार दर्द कम हुआ। मैंने श्याम से पूछा,"निकाल क्यों लिया श्याम?"
श्याम-"निकाला नहीं मेरी जान आधा गांड के अंदर चला गया है।"
मैंने हैरानी से कहा-"सच? मुझे लगा बाहर फिसल गया।"
अब श्याम ने थोड़ा और जोर लगाया और मुझे उसके लंड के बाल अपने चुत्तड़ों पर महसूस हुए। यानि श्याम मेरी गांड में अपना पूरा लंड घुसा चुका था। कमाल की बात ये थी के मुझे जितने दर्द की आशा थी उतना इस बार नहीं हुआ। बल्कि मैं चाह रहा था श्याम थोड़ा और अंदर डाले। इस आशा से मैं अपनी गांड उसकी ओर धकेलने लगा। श्याम ने भी जोर लगा के मुझे आगे धकेला और मेरे चुत्तड़ों से उसकी गर्म जांघ छू गयी। मेरे चुत्तड़ थोड़े ठंडे थे इस लिए मुझे उसकी जांघों का स्पर्श बहुत भा रहा था।
******★★★*******
श्याम और मैं ********* अंतिम भाग)

श्याम का लंड सख्त भले ही खूब था लेकिन उम्र के मुताबिक लम्बाई और मोटाई सामान्य थी सो एक बार अंदर जाने के बाद मुझे दर्द ज्यादा देर नहीं रहा। करीब चार इंच लम्बाई का लंड मेरे अंदर गहरे तक उतर के हिलता हुआ अनुभव हो रहा था। सरसों के तेल ने सब कुछ आसान और मजेदार बना दिया था। मैंने श्याम को कहा के कुछ देर मेरे ऊपर लेटे रहो। मैंने अपने चुत्तडों को थोड़ा और ऊपर उठा कर रहा सहा लंड भी अपने भीतर समा लिया। गजब की संतुष्टि महसूस की मैंने। करीब दस मिनट मेरे ऊपर लेटे रहने के बाद श्याम ने आधा लंड बाहर निकाल के वापस डाला तो थोड़े दर्द के साथ ज्यादा आनन्द मिला मुझे। श्याम ने थोड़ा रुक-रुक कर ऐसा कई दफा किया। मेरी गांड अब रवा (अभ्यस्त) हो गयी थी और श्याम अब आसानी से मेरे अंदर बाहर आ जा रहा था। मैंने उल्टा लेटे-लेटे ही अपने चुत्तड़ ऊपर उठा कर कुतिया जैसी स्थिति में खुद को किया। श्याम अब अपने घुटने बेड पर टिका कर रिदम से मुझे चोदने लगा। उसने दोनों हाथों से मेरे चुत्तड़ पकड़े हुए थे और हर झटके में उसका लंड मेरे और भीतर जा रहा था। तेल इतना ज्यादा था की थोड़ी देर में फच फच की आवाज आनी शुरू हो गयी। इस आवाज ने श्याम को और कामुक बना दिया। अब उसने अपनी छाती मेरी कमर से टिका दी और मेरी बगलों के नीचे से हाथ निकाल कर मुझे कंधों से पकड़ कर दनादन मेरी ठुकाई करने लगा।मैंने मुहं घुमा के उसे देखा तो उसने झट से मेरी पप्पी ले ली। आनन्द के अतिरेक से उसने होंठ दांतों में दबा रखे थे और आँखें बंद कर रखी थी।
*****★★★******
हम दोनों एक दूसरे से दोबारा लिपटे तो हमारे लंड बीस मिनट पहले का आनन्द याद कर तुरंत खड़े हो गये। श्याम पलट कर फि... more »
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love28128611 - Jan 8
Dear right now i am in ahemdabad and i search one bottom for date, i stay in hotel on drive in road now.
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raghav10 - Jan 5
कमरा अब गर्म होने लगा था। हीटर सीधे मेरे बिस्तर पर गर्म हवा फेंक रहा था। श्याम मेरे पास आया और मेरे होठों को चूम कर मेरे कपड़े निकालने लगा। मैंने भी उसके बटन खोलने शुरू किये। हम दोनों जल्दी ही केवल बनियान और चड्ढी में आ गये। एक दुसरे को सहलाते हुए हम बिस्तर में घुस गये।
मैंने श्याम के कानों और गालों पर चुम्बनों की बरसात कर दी। श्याम ने मेरी गुलाबी और ठंड से सख्त निप्पलों को जब चूसा तो उफ्फ्फ्फ़ क़यामत आ गयी। हमने कब अपनी बनियान और अंडी निकाली पता भी नहीं चला। थोड़ी देर में ही हमारी सरदी भाग गयी और पसीने आ गये। श्याम मेरे पसीने चाटने लगा और मैं उसके। पसीने का खारा स्वाद हमे और मस्त बना रहा था। मैं श्याम को चाटता चूसता नीचे होता गया ओर जब उसका सख्त लंड मेरी ठुड्डी से टकराया तो मैने उसके चुत्तड़ अपने दोनों हाथों से पकड़ कर उसका लंड गप्प से पूरा निगल लिया। श्याम उफ्फ्फ उफ्फ्फ करके अपनी गांड हिलाने लगा। श्याम का गुलाबी लंड केवल चार इंच का था मगर सख्त इतना था मानों लकड़ी का बना था। उसके लंड से जो महक आ रही थी उसने मुझे पागल कर डाला था। श्याम के छोटे-छोटे बाल मेरी नाक से और होठों से छू रहे थे। उसका लंड मेरे मुंह में अंदर तक जा रहा था और मेरे दांतों से घिस रहा था। श्याम ने कस कर मेरे बाल पकड़ लिए थे और पूरे दम से मेरा मुंह चोदे जा रहा था। मुझे सांस लेना मुश्किल हुआ जा रहा था। आखिर मैंने जबरदस्ती खुद को छुड़ाया और लम्बी सांस ली। श्याम अँगड़ाई लेता हुआ मुझसे लिपट गया। फिर उसने कहा-"अब मैं तुम्हारा चूसूंगा।"
मैंने कहा-"नहीं अभी मेरा मन नहीं भरा।"
श्याम-"ठीक है तुम मेरा चूसो और मैं तुम्हारा।"
इतना कह कर वो पलट गया और मेरी टांगों की ओर अपना सर कर लेट गया। अब हम दोनों के सामने एक दूसरे के अकड़े हुए लंड झूल रहे थे। श्याम ने पहले जीभ से मेरा सारा लंड चाटा और फिर चूसता हुआ नीचे तक मुंह में ले लिया।
**************

जैसे ही श्याम ने मेरा अपने मुंह में लिया मैं सिहर गया और आहें भरने लगा। मेरे सामने श्याम का सख्त गुलाबी लंड झूल रहा था। मैंने झट से उसे अपने मुंह में ले लिया और उसे ऐसे चूसने लगा जैसे स्ट्रा से कोई तरल हम खींचते हैं। इतना खूबसूरत एहसास पहली बार हो रहा था। श्याम ने दोनों हाथों से मेरे चुत्तड़ पकड़े हुए थे और मैंने उसके। हम दोनों एक दूसरे के चुत्तडों को अपनी ओर धकेल रहे थे और हमारे लंड दनादन एक दूसरे के मुंह में पिस्टन की तरह आगे पीछे हो रहे थे। अचानक श्याम का शरीर अकड़ने लगा और उसकी स्पीड बेतहाशा बढ़ गयी। उसने अब मेरे सर को कस कर पकड़ लिया था और उसके मुंह से आहें निकल रही थी। मैं समझ गया था क्या होने वाला है। इस एहसास से मेरा लंड भी सख्त होकर झटके खाने लगा था। मेरी स्पीड भी श्याम की स्पीड से ताल मिलाने लगी थी।
फिर अचानक श्याम के लंड से मलाई जैसा गाढ़ा, चिपचिपा और अजीब से स्वाद वाला बहुत सारा वीर्य फूट पड़ा। श्याम ने कस कर मेरे सर को पकड़ा हुआ था और जड़ तक अपना लंड मेरे मुंह में ठूस रखा था। उसका सारा माल सीधा मेरे गले में उतर गया। भले ही उसका टेस्ट अजीब था मगर उसकी महक आज लगभग बीस साल बाद भी मेरे जहन में जिन्दा है। जब उसका माल मेरे गले में उतर रहा था तो मेरा लंड भी फुफकारता हुआ उसके गले में खाली हो रहा था। श्याम ने मेरी एक एक बूँद खींच खींच कर चूस ली थी और मैंने भी उसकी हर बूँद गटक ली थी।
**************

हमारी आँखों में पानी था और चेहरे पर सुकून। लम्बी-लम्बी सांसें कुछ समय बाद संयत हो गयी। हम करीब बीस मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे फिर ठंड अनुभव हुई तो दोबारा से एक दूसरे से लिपट गये। हम दोनों का ये दूसरा वीर्यपात था। पहली बार राजस्थान में मेरा और श्याम का स्खलन हुआ था। मगर इस बार वाले स्खलन में हमें ज्यादा मज़ा आया था। उस उम्र में स्खलित होने के बाद भी लंड इतना ढीला नहीं होता था जितना अब हो जाता है। मुझे अब भी याद है जब हमारा पहला और दूसरा स्खलन हुआ था तो भी हमारे दोनों के लंड पूरी तरह बैठते नहीं थे। खैर....
कमरा अब गर्म होने लगा था। हीटर सीधे मेरे बिस्तर पर गर्म हवा फेंक रहा था। श्याम मेरे पास आया और मेरे होठों को चू... more »
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rroyy - Jan 4
anyone for group fun???
would love to suck cocksss
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Mrsmiles117 - Jan 4
Hi
Friends I met one of my best frnd 1 St night at his place
actually he working as an officer in public service at nellore rural andhra pradesh.
we both know well from past 10 years and he was the tent past 10 years back ,
he did his pg at Nellore and came to hyd for preparation of Groups.
that time me just finished my +2 and joined in bachelor course.
and he was stayed our upstairs we have one small room with attache, actually that is my brother study room when my brother completed his studies and he went abroad so from hat day the room almost vacant.
This Srinvas ( named changed) is relative of one of my dads best frnd.
Me now coming directly to the story.
this incident happens in the year of ********* .
One fine day me at home along with my mother
around after noon 2.30 pm i feel bore so i went up stairs.
that time this srii alone and watching some movies in his mobile,
when he was feel bore that time he watch tv, or some movies
bcoz he have dvd player also,
but this time he watching movies in his newly purchased smart phone.
me try to knock the door but the door already opened.
me enter the room that time srii in very hot and romantic mood
he was masturbating his mand hood and at the same time he watching small xxx clip his mobile.
He shocked bcoz he was not bolted his door and he think no one will come that time,
but me entered and saw that position he just feel shy and immediately stooped that clip and gone to wash room.
me freely entered the room and opened that clip again me watching.
he came after 5 to 10 mins but me watching not that clip and so many XXX Clipping was there so me watching.
he came
me lay down his bed and watching
he also came and sat beside me and laughing with shy.
i asked what happen bava
why ur laughing.
he said nothing and asked in telugu mottanaa bellamu chusasavaaa
haa chusanu
emundhi dhani low kottaga anee ans chasaa
and me watching clips,
he also sat beside me almost in relaxing mode, me watcing the cliping
me getting hard in bottom area
he noticed and me covered and turned right side and watching
he was in my left side and almost back side of me
he also again getting hard his man hood
that sulla kayaa
touching my back part some time
me noticed and me saw his face and gave smile
he also smiled and bot watching
me almost in full mood.
me ready to go to wash room
he asked where u r going
i said for masturbate,
he said why sit hear and masturbate hear while watching clip
i said no
he forced me no problem both with do same time me also getting mood again
me said okay u do but i will at wash room only
he said no problem we will hear only
finally he removed his lungi and started hp.
9 mr Sri full dark but he his face very gud and looks hand some. almost 6 tall with sparking eyes,always smiley face , if he will going move definitely invited me and get permission from my dad.
and my dad also have gud openion bcoz he was preparing groups, and his family back ground also very good, my dad know well his family.
body little bit hairy but full exercised body, bcoz he was preparing groups,
but me not opened my shorts he opened lungi and masturbated,
he asked remove urs
i said no
but he requested me
plz open
i want to see u r size
but his cock size is very big and thick black king cobra.
i said i never measured but finally me removed my burmoda
he saw my erected tool and told to me hey u rs size almost half of mine,
and he put his hand in to my tool
and he pressing my cock
and he asked plz touch mine
i said knw
but me early wating to kiss his cock but me controlled.
he said no yar nothing happed plz touch
me finaly took his cock in to my left hand pressed his cock
he was moaning
he telling plz raa press and shake
me doing like with happy mood
bcoz me eagerly waiting to taste his cock and cum also when he joined in upstairs room, only thing me have fear bcoz he was my fathers friend, friends son.
he put his right hand to my shoulder and slowly he moved his hand towards my right nipp
and he took me to close and kissed my cheek
and pressed my right boob
me try to come out that position but he said hey dont worry nothing will happend
and he kissed my lips and try to put his toung to my mouth.
me hold his cock in my left hand
he huged tight with his both hand
he was in full naked me semi naked
we both rolling on bed
me also getting mood
ad we both rolling.

we started our fun like in ********* .

after that he got job in ap government service as group 2 officer and also posted in nellore near by village.

we staill continued our relation when he was came to hyd

after completion of my P G.
me got job in one of best indain mnc , so as per job scheduled me visit thought andhra pradesh.
when me have time and he have time me definitely met this sri at his place.
in ********* he got married after that also we continued our relation.
recently he blessed one female kid, so his wife at his in laws place
he was saying alone past 6 months.
from past 6 months we both almost all meet monthly twice at his place or at hyd.
he invited for new year celebration at his village, means where he was working.
so me went that place on 30 th night around 11 pm
already he prepared with all things.

me reached at his palce that day night we had all fun s including fuk also
he fukked me twice in night
and he have morning duty, but me was not get that time, he goan office and came around 2.30 after noon.
in 31 st night we both enjoyed well he shown heavan
he fkked 3 time in night
our second session complete just 12 midnight
he sukked my boobs and we both enjoyed in 69 postion
he fukked with out condom in second round
we both almost enjoyed
even yestrday night also before catching train he fukked me and drooped at station
after catching train we both chatted almost mid night.
Hi
Friends I met one of my best frnd 1 St night at his place
actually he working as an officer in public service at nellore rural andhra pradesh.
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bhogi - Jan 4
असीम कुछ समझ नही पा रहा था की कैसे react करूँ।पर राजीव उसे ख जाना चाहता था।उसने सिद्ध को बोला दरवाजा बंद कर दो।
सिद्ध बोला भैया छोड दो न आज।
वो बोला बस आज जैसा कह रहा हूँ वो होने दो।इसके बाद सारी पिक्स delet हो जाएंगी और तुम दो की जगह हम तीन हो जाएंगे।
उसने सिद्ध को बोला मेरी shirt उतार।सिद्ध के पास कोई चार नही था।असीम भीगी बिल्ली बना बैठ था।आखिर वो हार मान गया और बेड पर सीधा लेट गया।राजीव ने भी अब देरी नही की।उसने सिद्ध को कोने मे खड़े होने को कहा और अपने सारे कपड़े उतार दिए।उसका 7"का लंड था।वैसे तो सिद्ध का भी 5.5"हो चुका था पर राजीव के मुकाबले बचा ही था।राजीव भरपूर जवान लड़का असीम पर टूट पड़ा।वो पूरा नग्न उसके जिस्म को रगड़ने लगा और आखिर उसे पलट ही दिया।धीरे धीरे उसने अपना लंड उस मासूम की गांड के हवाले कर दिया और देने लगा भीषण प्रहार।
असीम को गांड मारने मे मजा आता था पर सिद्ध इस तरह से प्रहार नही करता था।राजीव एक शक्तिशाली युवक था जिसका लिंग मोटा और लंबा था।सिद्ध बेबस स सब देख रहा था और असीम दर्द को सहते हुए पर आनंद भी लेते हुए चुदे ज रहा था।आखिर 15मिनट के बाद राजीव ने पहला वीर्य स्खलन किया।वो असीम पर से उठा नही और 5मीन के बाद फिर से शुरू हो गया।असीम की कराहटें सिद्ध सह नही सका तो उसने राजीव से request की कि उसे छोड़ दे।राजीव बोला ठीक है तु मेरी जरुरत पूरी कर दे।राजीव की बात सिद्ध ने मान लि असीम क खातिर।और उसने अपनी गांड कुर्बान कर दि राजीव के सामने।राजीव को दो लड़कों की गांड मारने का मोका मिला और वो बहुत खुश था।अब वो तीनो भी खुश थे।जब भी मोका मिलता अपनी प्यास बुझाते।राजीव ने भी उनसे गांड मराइ के बार।
इस तरह उनका संबंध मजे मे और सुरक्षित चलता रहा
असीम कुछ समझ नही पा रहा था की कैसे react करूँ।पर राजीव उसे ख जाना चाहता था।उसने सिद्ध को बोला दरवाजा बंद कर दो।
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aktamanna - Jan 4
Koi mujhe apna banake payar karo..........
May jagdalpur me hun.......
Reply soon all dear tops am waiting for you........
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raghav10 - Jan 4
आखिर मैंने जोर दार आह भरते हुए जड़ तक श्याम की गांड में अपना लंड उतार दिया और श्याम को दोबारा से अपनी गोद में उठा लिया। मेरा लंड झटके देता हुआ श्याम के अंदर पहली बार विसर्जित हो रहा था। श्याम ने कस कर मेरी झप्पी डाल ली थी और उसके लंड से भी बहुत सारा चिकना और गाढ़ा वीर्य निकल कर मेरे और उसके पेट और बाकि हिस्से पर फ़ैल गया।
हम दोनों को जो मज़ा आया था उसे शब्दों में बाँध पाना मेरी लेखनी के बस में नहीं है। मगर जिसने भी ऐसा किया है वो अच्छे से इस मजे को महसूस कर सकता है। मेरा लंड श्याम के अंदर ही था और उसमे रह रह कर झटके लग रहे थे। मैं श्याम को गोद में लिए हुए ही नीचे फर्श पर बैठ गया और हम एक दूसरे को चूमते रहे।
***********
मेरा लंड अब ढीला हो गया था और फिसल कर श्याम की गांड से बाहर आ गया। उस पर तेल और मेरे वीर्य के साथ श्याम का मल भी लगा हुआ था। मैंने श्याम को खड़ा किया और उसकी गांड का निरिक्षण किया। उसकी गांड से मेरा वीर्य बाहर चू रहा था। मैंने एक ऊँगली उसकी गांड में डाली तो गप्प से भीतर घुस गयी। श्याम ने कहा के अब ऊँगली मत डालो, सहन नहीं होती।
मैंने उठ कर पानी से पहले उसकी गांड अच्छे से साफ़ की। गर्म पानी से सिकाई होने से श्याम को बहुत आराम मिला। फिर श्याम ने मेरा लंड सहलाया, उसे गर्म पानी ने धोया और एक बार मुंह में भी लिया।
फिर हमने जल्दी से एक दूसरे को नहलाया और हम बाहर आ गये। कमरे के दरवाजे पर वैभव ने दस्तक दी तो मैंने दरवाजा खोल दिया। वैभव ने देखा के हम दोनों नहा भी लिए तो उसने कहा के सामान पैक करके बाहर आओ खाना बन गया है। हमने अपने कपड़े बैग में ठूसे और बाहर आकर नाश्ता किया।
ठीक दस बजे हमारी बस वहाँ से चल दी। श्याम ठीक से बैठ नहीं पा रहा था। उसकी गांड में दर्द था अभी भी। मैंने उसकी और देखा तो वो मुस्कुरा के सामने देखने लगा। बस अपनी गति से दौड़ रही थी। हम आपस में अन्ताक्षरी खेलते हुए चित्तौड़ की ओर बढ़ रहे थे।

श्याम और मैं-14

राजस्थान में हम छह दिन रहे। इन छह दिनों में दोबारा हमें ऐसा अवसर नहीं मिला के हम कुछ कर पाते। असल में श्याम की गांड मैंने इतनी बजा डाली थी के ना तो उसकी हिम्मत हो रही थी दोबारा कुछ करने की और मेरा लंड भी कई दिन तक दर्द करता रहा था सो मेरा भी अभी दोबारा सेक्स करने का मन नहीं हो रहा था। फिर इस दौरान दिन में हम घूम कर इतने थक जाते थे कि सोने के टाइम तक निढाल हो जाते।
न्यू ईयर हमने जयपुर में मनाया। जयपुर के राज मंदिर सिनेमा में हमने माधुरी और अनिल कपूर अभिनीत "बेटा" मूवी देखी। श्याम को मैंने मन लगा कर चोदा था। सो उस दिन के बाद हम दोनों में प्रेम बहुत बढ़ गया था। पूरे टूर में हम दोनों के बारे में मशहूर हो गया था के हम दोनों सगे भाई हैं और जहाँ एक दिखेगा दूसरा भी वहीं कहीं मिलेगा।
***********
राजस्थान से लौटे हुए आज तीसरा दिन था। श्याम की दादी आई हुई थी, पापा के बुलाने पर। श्याम को स्कूल ड्रेस में देख कर और हम दोनों का प्रेम देख कर दादी की आँख भर आई। उसने पापा को ढेरों आशीष दिए और हम दोनों को भी बहुत प्यार दिया। श्याम से जब दादी ने गाँव जाने की पूछी तो श्याम ने साफ मना कर दिया। दादी ख़ुशी-ख़ुशी गाँव लौट गयी।
जनवरी का महीना चल रहा था और गज़ब की ठंड थी। श्याम की जगह दुकान पर एक बिहारी रख लिया गया था। मगर श्याम फिर भी स्कूल के बाद सीधा दुकान पर आता और बहुत सारा काम करता। पापा मना करते तब भी। श्याम हीरा था। उसके बर्ताव से सभी ग्राहक, पड़ोसी और स्कूल वाले मंत्रमुग्ध थे। मेरी रिश्तेदारी में भी उसके मुरीद थे। खैर.......
अब तक श्याम का दर्द जा चुका था और मेरा भी। श्याम ने बीच में एकाध बार मुझे छेड़ा भी। वैसे रात को हम इकट्ठे ही सोते थे। दादी के जाने के अगले दिन श्याम को मैंने कहा-"श्याम आज रात फिर से करें?"
श्याम ने मुस्का के कहा-"हाँ जरुर।"
शाम को दुकान जल्दी बंद कर देते थे क्योंकि ठंड ज्यादा थी। रात को गर्म पानी में पैर धोके ही हम रजाई में घुसते थे। आज रात को जैसे ही हम कमरे में घुसे मैंने श्याम को पीछे से पकड़ा और अपने बिस्तर पे ले गया। आज श्याम का मन भी मस्ती का था। उसने कहा-"आज तुम लोगे मेरा?"
मैं-"हाँ आज तुम मुझे चोदो।"
श्याम-"दर्द होगा उसका क्या?"
मैं-"दर्द तो तुझे भी हुआ था ना जानू।"
श्याम-"मेरा क्या है भाई, आप सहन नहीं कर पाओगे।"
मैं-"सुनो, जैसे मैं कहूँ वैसे करेंगे तो दर्द भी नहीं होगा और हमारा काम भी बन जायेगा।"
श्याम-"पता है मुझे, खूब तेल लगाऊंगा; एक दम सारा नहीं डालूँगा और बीच में रुकना है जहाँ वहां रुक भी जाऊंगा।"
मैं-"यानि आज बच्चे की जान लेके रहोगे?"
श्याम-"जान नहीं भाई गांड।"
"हा हा हा हा हा हा हा"
मैंने कमरे को अच्छे से बंद किया; परदे ठीक से लगाये; कमरे का हीटर ऑन किया और लाइट जला ली। कमरा अब गर्म होने लगा था।
आखिर मैंने जोर दार आह भरते हुए जड़ तक श्याम की गांड में अपना लंड उतार दिया और श्याम को दोबारा से अपनी गोद में उठ... more »
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aktamanna - Jan 3
Koi top nahe hay kaya jagdalpur me jo mujhko sant kar sake....
Hay to repl soon......
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aktamanna - Jan 3
Koi hay jagdakpur me top.......
Jo mare gand ka payas bhuja sake.........
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suckmebaby - Jan 2
A week ago, went to a nearby movie theater for watching a recently released movie. Surprisingly, the theater was hardly had 50 members. I took the last row corner seat so that, if the movie is bad can unzip myself and fiddle with my cock while boring. Once the lights were off, I undid my pants pulled it to my ankles as there wasnt anyone in that row and the next one had only one guy. Mildly stroking my dick, got engrossed in a song, turned to my right to realize a guy placed himself two seats next to me. I tried to cover myself in panic, but that made him to turn towards me. He asked me not to cover, just pull the pant completely off. Panic was gone as I got to know that that this guy is also a gay. He silently came and sat next to me. Went down the seat and released the trouser from the ankle too. I was fully horny, and didnt bother to stop him. My trouser was placed next to him. He asked me to remove my shirt also. That was crazy, I told him, boss we are not the only ones here. He said, yes, will call few more people also. Immediately I noticed another three guys walking to our row. Freak... what the hell....
Just a fantasy coming out, thinking about having sex in public place and more than one man giving me pleasure, however, I don't want that to happen like this, LOL
A week ago, went to a nearby movie theater for watching a recently released movie. Surprisingly, the theater was hardly had 50 members. I took the last row corner seat so that, if the movie is bad can unzip myself and fiddle with my cock while boring. Once the lights were off, I undid m... more »
Posted in Tamil Nadu and Gay Stories
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bhogi - Jan 2
असीम 12th क्लास क लड़के की नजर मे चढ़ चुका था।उसका नाम था राजीव।उसके बारे मे famous था कि वो जो ठान लेता था वो करके ही दम लेता था।सिद्ध ने 10th मे भी warden से बात करके असीम को ही पार्टनर चुना था।और उनका कार्यक्रम बदस्तूर जारी था।
राजीव फूटबाल टीम का कैप्टेन था और बाद ही स्ट्रिक्ट था।सभी लड़के उससे डरते थे।यहां तक कि सिद्ध भी।एक दिन एक मैच के दरम्यान असीम भी मैच देखने आया था।मैच बहुत रोमांचक हो चला था और लास्ट तक दोनो teams 2-2गोल की बराबरी पर थीं।सिद्ध half मे खेलता था और अपने खिलाड़ियों को बेहतरीन गेंदें बना कर दे रहा था।पर goal हो नही पा रहा था।सिद्ध ने rightwing मे गेंद फेंकी और खुद तेजी से D मे पहुंच गया।विरोधी खिलाडी फरवार्डस को मार्क किये हुए थे सो rightwinger ने जैसे ही क्रोस डाला D क ऊपर खड़े सिद्ध ने जोरदार शॉट लगाया और ball goal के अंदर समा गई।पूरा ground सिद्धू सिद्धू के शोर से गूंज उठा और सिद्ध लहराता हुआ उस तरफ दौड़ा जहां असीम बैठा था।उसने उसकी तरफ flying किस किया तब तक सारे खिलाड़ियों ने उसे घेर लिया और जकड़ लिया।राजीव ने ये नोट किया पफ उससे ज्यादा ये नोट किया कि match के बाद असीम सिद्ध से आकर गले मिला और सिद्ध ने उसके हिप्स को आहिस्ता से दबाया और दोंनो ने एकदूसरे की गर्दन पर किस किये।
राजीव भी दिखता खुद को शरीफ था पर असीम के बारे मे ये जानकरी उसे काफी लगी थी।शक का किड़ा दिमाग मे कुलबुलाने लगा और असीम को हासिल करने का विचार मं मे घूमने लगा।
प्रिंसिपल ने अगले दिन स्कूल की छुट्टी घोषित की तो सभी लड़के झूमने लगे।होस्टल मे रात को जश्न जैसा माहोल रहा।सभी लड़के नाचे और स्पेशल खाना बना।असीम भी खूब नाचा।राजीव उसके करीब आने की कोशिश करता रहा।पर सिद्ध उसे कवर कर रहा था।
राजीव ने मन मे कुछ ठान लिया।
जश्न खत्म हुआ और सभी अपने अपने रूम मे चले गए।रात को करीब 12बजे राजीव ने आहिस्ता से सिद्ध और असीम के रूम के दरवाजे पर हाथ का pressure दिया।उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती यही थी उस दिन कि उन्होंने दरवाजा बंद नही किया था।दरवाजा बिना आवाज के खुलगया।राजीव ने coridoor की बत्तियां पहले ही बुझा दि थीं।अंदर सिद्ध अपने जीत का जश्न मनाने मे व्यस्त था।तभी lights on हो गई और नंग धडंग दोनो प्यासे पंछी अपनी नग्नता को छुपाने का प्रयास करने लगे।दोनो के चेहरे की हवाइयां उड़ गई और राजीव का mobile का फ़्लैश के बार चमका।
वो लगातार उन दोनो को घुर रहा था।उसने अपने पीछे दरवाजा बंद कर दिया।जैसे हो वैसे ही बैठे रहो नही तो ये फोटोज warden तक पहुंच जाएंगी।उसके चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी।वो आहिस्ता से बेड पर जाकर बैठ गया।उसकी निगाहें बस असीम को ही घूर रही थीं।उसने असीम के चेस्ट को छुआ और अपने पास उसे खिचा। सिद्ध बोला सॉरी भाई गलती हो गई।अब नही करेंगे।आज छोड़ दो हमे।पर राजीव बोला,में कुछ नही कहूँगा तुम्हे और किसी
असीम 12th क्लास क लड़के की नजर मे चढ़ चुका था।उसका नाम था राजीव।उसके बारे मे famous था कि वो जो ठान लेता था वो करके ही दम ल... more »
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